अमृत विहार न्यूज

गौतम उपाध्याय
गोह (औरंगाबाद): बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणामों की प्रतीक्षा के बीच औरंगाबाद के गोह प्रखंड में उत्साह का माहौल है। प्रखंड मुख्यालय के गोला स्थित ‘केवीएम क्लासेस’ के छह होनहार छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए टॉपर्स वेरिफिकेशन की सूची में जगह बनाई है। चयनित मेधावियों में बख्तियारपुर निवासी संतोष साव की पुत्री आकांक्षा कुमारी, गोह निवासी रविशंकर कुमार की पुत्री श्रद्धा भारती, सरेया निवासी सुरेंद्र यादव की पुत्री गुनगुन कुमारी, बेला वारिस निवासी जयप्रकाश शर्मा की पुत्री शालिनी प्रकाश, दरधा निवासी कमलेश सिंह के पुत्र नित्यम सिंह और पकड़ी निवासी प्रमोद यादव के पुत्र चंदन कुमार शामिल हैं।

इस ऐतिहासिक सफलता पर गुरुवार को संस्थान परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया,जहाँ मेधावी छात्रों को अंगवस्त्र और बुके भेंट कर सम्मानित किया गया। इस गौरवशाली क्षण पर संस्थान के निदेशक कुंदन सिंह और राहुल सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि “हमारा योगदान तो केवल एक मार्गदर्शक का है,वास्तविक श्रेय इन बच्चों की अखंड तपस्या,अटूट लगन और कड़े परिश्रम को जाता है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी मेधा को निखारा है। केवीएम क्लासेस का लक्ष्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं,बल्कि ग्रामीण परिवेश की प्रतिभाओं को राज्य की मेरिट लिस्ट तक पहुँचाने की रणनीति पर काम करना है।”
वहीं मगध विश्वविद्यालय के शोधार्थी रहें डॉ आशुतोष मिश्रा ने कहा कि “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख करना ज़रूरी नहीं,यदि इरादे मजबूत हों तो सफलता खुद चलकर द्वार आती है। उदाहरण स्वरूप केवीएम क्लासेज के बच्चे आपके सामने है।” मौके पर उपस्थित पंसस भोला यादव,पत्रकार दिलीप विश्वकर्मा, धीरज चौहान,अशोक सिंह,गणेश साव राहुल यादव,मंजीत सिंह और अमरेश कुमार सहित दर्जनों गणमान्य लोगों ने बच्चों को मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख करना ज़रूरी नहीं,यदि इरादे मजबूत हों तो सफलता खुद चलकर द्वार आती है। उदाहरण स्वरूप केवीएम क्लासेज के बच्चे आपके सामने है।
-डॉ आशुतोष मिश्रा
हमारा योगदान तो केवल एक मार्गदर्शक का है,वास्तविक श्रेय इन बच्चों की अखंड तपस्या,अटूट लगन और कड़े परिश्रम को जाता है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी मेधा को निखारा है। केवीएम क्लासेस का लक्ष्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं,बल्कि ग्रामीण परिवेश की प्रतिभाओं को राज्य की मेरिट लिस्ट तक पहुँचाने की रणनीति पर काम करना है।”
-निदेशक केवीएम क्लासेज



