अमृत विहार न्यूज

संवाद सहयोगी|रोहतास
बिक्रमगंज (रोहतास): बिहार की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर अपनी अजीबोगरीब कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। ताजा मामला रोहतास जिले के बिक्रमगंज का है, जहाँ एक अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड पर उसकी अपनी तस्वीर के बजाय एक पालतू कुत्ते की फोटो छपकर आ गई है। यह एडमिट कार्ड अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
बिक्रमगंज निवासी अभ्यर्थी रितेश कुमार ने वर्ष 2022 में बिहार सिविल कोर्ट, पटना के अंतर्गत ‘अटेंडेंट (चपरासी)’ पद के लिए आवेदन किया था। लगभग चार साल के लंबे इंतजार के बाद, जब वर्ष 2026 में होने वाली प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Test) के लिए एडमिट कार्ड जारी हुआ, तो रितेश के होश उड़ गए। एडमिट कार्ड में नाम, पिता का नाम और पता तो सही है, लेकिन फोटो वाले कॉलम में अभ्यर्थी की जगह एक गोल्डन रिट्रीवर कुत्ते की तस्वीर लगी हुई है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
एडमिट कार्ड पर न केवल कुत्ते की तस्वीर है, बल्कि उसके नीचे रितेश कुमार के हस्ताक्षर भी डिजिटल रूप में मौजूद हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि चयन समिति के स्तर पर डेटा की जांच कैसे की गई?
रितेश कुमार का कहना है कि उन्होंने आवेदन के समय अपनी सही फोटो अपलोड की थी, लेकिन एडमिट कार्ड में हुई इस बड़ी गड़बड़ी के कारण अब उनकी परीक्षा और भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सहरसा स्थित परीक्षा केंद्र पर उन्हें प्रवेश मिलेगा या नहीं, इसे लेकर वे काफी चिंतित हैं।फिलहाल, इस मामले को लेकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अभ्यर्थी अब सुधार की गुहार लगा रहा है ताकि वह नियत समय पर अपनी परीक्षा दे सके।



