अमृत विहार न्यूज

गौतम उपाध्याय
औरंगाबाद
औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर कुमार इन दिनों अपनी ‘अनोखी’ कार्यशैली को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। सोमवार को गोह में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब स्थानीय लोगों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पीएचसी के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।
मामला किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। बताया जाता है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर कुमार और गोह थाना की पीएसआई पूजा शर्मा दल-बल के साथ छापेमारी करने निकले थे। लेकिन रास्ता मुख्य दरवाजे का नहीं, बल्कि छतों का चुना गया।डॉक्टर साहब और पुलिस टीम पहले सुनील साव की छत पर चढ़े, वहां से छलांग लगाकर विनोद साव की छत पर पहुंचे और अंत में संजय कुमार के मकान में छत के रास्ते ‘लैंड’ कर गए।

बंद कमरे पर जड़ दिया अपना ताला!
छापेमारी संजय कुमार के घर में किराए पर रह रहे ललन पासवान के कमरे में होनी थी। ताज्जुब की बात यह है कि कमरा पहले से ही बंद था। बावजूद इसके, चिकित्सा पदाधिकारी ने अपना एक और ताला जड़ दिया। जब मोहल्ले के लोग इस मनमानी के खिलाफ एकजुट होकर आक्रोशित हुए, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोह के मुख्य द्वार पर नारेबाजी की तब जाकर कहीं डॉक्टर साहब की ‘हेकड़ी’ ढीली हुई और ताला खोला गया।
अवैध वसूली का आरोप और जनता का गुस्सा
प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि डॉक्टर साहब अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई के नाम पर केवल अवैध वसूली का खेल खेल रहे हैं। लोगों का कहना है:
”अवैध सेंटरों पर छापेमारी का हम स्वागत करते हैं,हालांकि किसी के घर में छत से घुसकर छापेमारी करना बेहद निंदनीय है।
डॉक्टर साहब की सफाई
वहीं, दूसरी ओर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर कुमार का कहना है कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त मकान में चोरी-छिपे अल्ट्रासाउंड मशीन चलाई जा रही है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई।



