अमृत विहार न्यूज

संवाद सहयोगी| रफीगंज
औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड के बौर-बहादुरपुर गांव के पास शुक्रवार की सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। एक अनियंत्रित ओवरलोड हाइवा जैसे ही पुरानी पुलिया पर चढ़ा, पुलिया का ढांचा भार सहन नहीं कर सका और भरभराकर ढह गया। इस घटना में हाइवा का पिछला हिस्सा मलबे के साथ नीचे धंस गया। गनीमत रही कि हाइवा पलटा नहीं, जिससे चालक और खलासी की जान बाल-बाल बच गई।पुलिया के ध्वस्त होने से ओबरा बाजार और रफीगंज को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यह मार्ग व्यापारिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में छात्र, मरीज और किसान इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। अब लोगों को 10 से 15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर वैकल्पिक रास्तों से जाना पड़ रहा है।
चेतावनी के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
स्थानीय ग्रामीणों में विभाग की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीण रमेश सिंह और विकास कुमार ने बताया कि पुलिया काफी समय से जर्जर थी और इसकी ईंटें झड़ने लगी थीं। इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर कई बार की गई थी, लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था। ओवरलोड वाहनों के बेखौफ परिचालन ने इस हादसे की पटकथा पहले ही लिख दी थी।
“पुलिया जर्जर होने की सूचना कई बार दी गई थी, लेकिन मरम्मत नहीं हुई। अब आवागमन बंद होने से हमारी मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन जल्द से जल्द हाइवा हटवाए और डायवर्जन की व्यवस्था करे।”
–स्थानीय ग्रामीण

इलाके में बढ़ीं मुश्किलें
1.बाजार प्रभावित: ओबरा से होने वाली माल ढुलाई पूरी तरह रुक गई है।
2.स्वास्थ्य सेवा: एम्बुलेंस सेवा प्रभावित होने से गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने में देरी हो रही है।
3.छात्रों की परेशानी: कोचिंग और स्कूल जाने वाले छात्र बीच रास्ते से लौटने को मजबूर हुए।
वही घटना की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची है। विभाग द्वारा फंसे हुए हाइवा को निकालने के लिए क्रेन मंगवाई जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब नई पुलिया के निर्माण की मांग की है।



