अमृत विहार न्यूज

सोर्स: पीआईबी
नई दिल्ली
भारतीय रेल अपनी कार्यकुशलता, संचालन और यात्री सेवा वितरण में व्यापक बदलाव लाने के लिए एक नई मुहिम शुरू करने जा रही है। रेल मंत्रालय ने “52 हफ्तों में 52 सुधार” (52 Reforms in 52 Weeks) की योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य पूरे वर्ष व्यवस्थित सुधारों को लागू करना है।
सुरक्षा और तकनीक पर विशेष जोर
रेल भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल की रूपरेखा साझा की। बैठक के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। आंकड़ों के अनुसार, गंभीर रेल दुर्घटनाओं में पिछले दशक में लगभग 90% की कमी आई है—जहाँ 2014-15 में 135 दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर केवल 11 रह गई है। सरकार का अब अगला लक्ष्य इस आंकड़े को एकल अंक (Single Digit) तक लाना है।
इन क्षेत्रों में होंगे बड़े सुधार:
एआई और प्रौद्योगिकी: रेल सुरक्षा, रखरखाव और संचालन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत तकनीक के उपयोग को गति दी जाएगी।
खाद्य और खानपान: यात्रियों के लिए भोजन की गुणवत्ता और खानपान सेवाओं में बड़े सुधार किए जाएंगे।
प्रतिभा और प्रशिक्षण: रेलवे कर्मचारियों के कौशल विकास और प्रतिभा प्रबंधन के लिए आधुनिक तरीके अपनाए जाएंगे।
ढांचागत विकास: बैठक में क्षमता वृद्धि, रखरखाव और बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा भी की गई।
उच्च स्तरीय बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय
इस बैठक में रेल मंत्री के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ श्री सतीश कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने जमीनी अनुभव साझा किए और नए साल में “नए संकल्पों” के साथ रेल क्षेत्र के कायाकल्प पर बल दिया।रेल मंत्रालय ने यात्रियों पर केंद्रित विकास और तकनीकी प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ये 52 सुधार रेलवे के भविष्य को बदलने में मील का पत्थर साबित होंगे।



