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बिहार बोर्ड ‘सुपर 50’ में गोह की आकांक्षा का कमाल: किसान की बेटी अब बनेगी इंजीनियर/डॉक्टर

सीमित संसाधन, लेकिन हौसले बुलंद! 'बिहार बोर्ड सुपर 50' की कठिन परीक्षा में सफल होकर केवीएम क्लासेज की छात्रा आकांक्षा कुमारी ने साबित कर दिया कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं। किसान की बेटी अब पटना में रहकर मुफ्त में डॉक्टर/इंजीनियर बनने का सपना पूरा करेगी।

अमृत विहार न्यूज

केवीएम के निदेशक कुंदन सिंह राहुल सिंह के साथ सफल छात्रा आकांक्षा

गौतम उपाध्याय

पटना/गोह: प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड की आकांक्षा कुमारी ने। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय ‘सुपर 50’ चयन परीक्षा में आकांक्षा ने अपनी जगह बनाकर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।

केवीएम क्लासेज का दिखा जलवा

गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित केवीएम क्लासेज की छात्रा आकांक्षा कुमारी ने इस कठिन प्रतियोगिता में सफलता हासिल की है। आकांक्षा एक अत्यंत साधारण परिवार से आती हैं; उनके पिता संतोष साव पेशे से किसान हैं और माता पिंकी देवी गृहणी हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आकांक्षा की इस उपलब्धि से बख्तियारपुर गाँव और पूरे गोह प्रखंड में खुशी की लहर है।

क्या है बिहार बोर्ड ‘सुपर 50’ योजना?

निशुल्क आवासीय कोचिंग: चयनित छात्रों को पटना में रहकर IIT-JEE और NEET जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए 2 साल तक मुफ्त शिक्षा, भोजन और आवास की सुविधा मिलती है।

कड़ा मुकाबला: इस वर्ष 21 दिसंबर को पटना के बापू परीक्षा परिसर में आयोजित परीक्षा में पूरे बिहार से 21 हजार मेधावी छात्र शामिल हुए थे।

सीमित सीटें: पूरे राज्य से केवल 50 छात्र और 50 छात्राओं का ही चयन इस विशिष्ट कार्यक्रम के लिए किया जाता है।

मार्गदर्शन और अनुशासन ही सफलता की कुंजी

छात्रा की इस ऐतिहासिक सफलता पर केवीएम क्लासेज के निदेशक कुंदन सिंह और राहुल सिंह ने हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

आकांक्षा की सफलता यह साबित करती है कि यदि विद्यार्थी सही मार्गदर्शन और कड़े अनुशासन में रहकर पढ़ाई करे, तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं है। सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस उन्हें तराशने की जरूरत है।

-कुंदन सिंह निदेशक केवीएम क्लासेज

भविष्य की राह हुई आसान

अब अगले दो वर्षों तक आकांक्षा को बिहार सरकार के संरक्षण में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। यह उन गरीब मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े कोचिंग संस्थानों की फीस नहीं भर पाते।

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