अमृत विहार न्यूज

गौतम उपाध्याय
औरंगाबाद (बिहार)
हसपुरा (औरंगाबाद): बिहार के औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब सारंडा के जंगलों से सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के जवान राकेश कुमार (30 वर्ष) की शहादत की खबर आई। झारखंड के चाईबासा में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक दर्दनाक हादसे में उन्होंने अपनी जान गंवा दी।जानकारी के अनुसार, 210 कोबरा बटालियन के जवान मंगलवार की देर रात सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान आए भीषण आंधी-तूफान के कारण बाबू डेरा कैंप के समीप एक विशाल पेड़ अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी जवानों द्वारा आनन-फानन में उन्हें रांची के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
शांभो टोला धमनी गांव के निवासी राकेश कुमार अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। वे वर्ष 2012 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे और अपनी बहादुरी के लिए जाने जाते थे। उनके भाई विक्रम कुमार ने बताया कि राकेश महज एक महीने पहले ही 5 मार्च को अपनी छुट्टियां बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे।जवान की आकस्मिक मृत्यु से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। राकेश कुमार अपने पीछे पत्नी पिंकी देवी, तीन बेटियां और एक चार वर्षीय मासूम बेटा छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के हर व्यक्ति की आंखें अपने इस जांबाज बेटे को याद कर नम हैं।
अमृत विहार देश के ऐसे सपूत को नमन करता करता है।
जय हिन्द



