अमृत विहार न्यूज

गौतम उपाध्याय
गोह (औरंगाबाद)। एक तरफ सरकार ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ के तहत गांव और शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर गोह प्रखंड मुख्यालय से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ स्वच्छता का जिम्मा संभालने वाले सरकारी कर्मी ही ऐतिहासिक पोखरा को गंदा करने में जुटे हैं।

डीडीसी के निर्देशों का नहीं दिख रहा असर
हाल ही में 3 फरवरी को ‘प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत गोह पहुंची डीडीसी अनन्या सिंह ने इस पोखरे का निरीक्षण किया था। गंदगी और कचरे के अंबार को देखकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की थी। डीडीसी ने मौके पर ही गोह प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार दिनकर को सख्त निर्देश दिया था कि पोखरे में कचरा डंपिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसकी स्वच्छता सुनिश्चित की जाए।
वायरल वीडियो ने खोली पोल

डीडीसी की सख्त हिदायत के बावजूद जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कार्यरत पंचायत कर्मी खुद कूड़े से भरी बाल्टियाँ पोखरे के किनारे और पानी के पास पलट रहे हैं। यह वीडियो न केवल प्रशासनिक दावों की पोल खोलता है, बल्कि उच्चाधिकारियों के आदेशों की सरेआम अवहेलना को भी दर्शाता है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
प्रशासनिक लापरवाही के कारण ऐतिहासिक पोखरे की इस दुर्दशा को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब स्वच्छता कर्मी ही गंदगी फैलाएंगे, तो आम जनता को जागरूक कौन करेगा? अब देखना यह है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन लापरवाह कर्मियों और प्रखंड विकास पदाधिकारी पर क्या कार्रवाई करता है।



