अमृत विहार न्यूज

गौतम उपाध्याय
औरंगाबाद। बिहार की पावन धरती और भगवान भास्कर की नगरी देव एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। आगामी 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले त्रिवसीय ‘देव सूर्य महोत्सव’ को लेकर तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त श्रीमती अनन्या सिंह (IAS) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने का खाका खींचा गया।पर्यटन विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह महोत्सव देव के ऐतिहासिक सूर्य मंदिर और पवित्र सूर्यकुंड की पौराणिक महत्ता को विश्व पटल पर प्रदर्शित करेगा। डीडीसी अनन्या सिंह ने बताया कि देव केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश भर के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है।
महोत्सव के मुख्य आकर्षण
- भजन से शुरुआत: महोत्सव का शुभारंभ भक्तिमय भजनों से होगा, जो पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा।
- प्रतियोगिताएं: बच्चों और युवाओं के लिए चित्रकला, रंगोली, निबंध, पेंटिंग, मेहंदी और क्विज जैसी स्पर्धाएं आयोजित होंगी।
- खेलकूद का रोमांच: स्लो साइकिल रेस, फुटबॉल और कबड्डी जैसे खेलों से महोत्सव में उत्साह का संचार होगा।
- सांस्कृतिक संध्या: देश के ख्याति प्राप्त दिग्गज कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं अपनी कला का जादू बिखेरेंगी।
दुल्हन की तरह सजेगा देव क्षेत्र
प्रशासन ने पूरे देव क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और विशेष प्रकाश व्यवस्था की योजना बनाई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस उत्सव में सहभागी बनते हुए अपने घरों और प्रतिष्ठानों को सजाएं।
महोत्सव के दौरान रानी तालाब परिसर में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं के निर्देश दिए हैं
- जनकल्याणकारी स्टॉल: विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए विशेष प्रदर्शनी।
- बुनियादी सुविधाएं: शुद्ध पेयजल, शौचालय, मेडिकल कैंप और 24 घंटे साफ-सफाई की व्यवस्था।
- सुरक्षा व यातायात: सुदृढ़ सुरक्षा बल, प्रमुख सड़कों की मरम्मत, ड्रॉप गेट का निर्माण और सुचारू परिवहन सुविधा।



