अमृत विहार न्यूज

गौतम उपाध्याय
गोह (औरंगाबाद): प्रखंड के विभिन्न गांवों में इन दिनों आवारा कुत्तों का कहर इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का सड़क पर निकलना दुश्वार हो गया है। गोह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आंकड़े डराने वाले हैं, जहां हर दिन औसतन 20 से 25 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं।

सरकारी आंकड़े दे रहे गवाही
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, केवल जनवरी माह में ही 446 लोगों को रैबीज का टीका लगाया गया। वहीं, फरवरी के पहले सप्ताह में ही यह संख्या 205 तक पहुंच गई है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रखंड में कुत्तों का आतंक किस कदर गहराता जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल है।
सावधानी ही बचाव: इन बातों का रखें खास ख्याल
चिकित्सकों और जानकारों के अनुसार, कुत्तों के हमले से बचने और शिकार होने के बाद निम्न सावधानियां बरतनी चाहिए:
उकसाने से बचें: आवारा कुत्तों के पास से गुजरते समय दौड़ें नहीं और न ही उन्हें पत्थर मारें।
बच्चों पर नजर: छोटे बच्चों को अकेले गलियों में न छोड़ें, क्योंकि वे अक्सर कुत्तों के आसान शिकार बनते हैं।
तत्काल प्राथमिक उपचार: यदि कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत बहते हुए पानी और साबुन से कम से कम 10-15 मिनट तक धोएं।
टीकाकरण में लापरवाही न बरतें: घरेलू नुस्खों या झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर रैबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
गोह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शिव शंकर कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि पीड़ितों को समय पर इलाज मिल सके। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।
स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि पीड़ितों को समय पर इलाज मिल सके।
-डॉ. शिव शंकर कुमार
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पीएचसी गोह



