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किसानों की मर्जी सर्वोपरि: उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में खाद की टैगिंग और कालाबाजारी रोकने पर बनी रणनीति

उर्वरक की कालाबाजारी पर सख्त हुए अधिकारी, किसानों को बिना दबाव मिलेगा खाद

अमृत विहार न्यूज

संवाद सहयोगी|गोह

औरंगाबाद जिले के गोहप्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में बुधवार को प्रखंड कृषि पदाधिकारी राहुल कृष्ण मूर्ति की अध्यक्षता में ‘उर्वरक निगरानी समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को यूरिया और डीएपी (DAP) की उपलब्धता सुनिश्चित कराना और खाद की कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाना रहा।

जबरन नहीं थमाई जाएगी अन्य दवाइयां

बैठक में किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए सरकारी नियम के अनुसार, किसी भी किसान को उसकी मर्जी के खिलाफ यूरिया के साथ जाइम, सल्फर या अन्य कोई उत्पाद जबरन (Tagging) नहीं दिया जाएगा। यदि कोई दुकानदार ऐसा करता पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनप्रतिनिधियों ने उठाई किसानों की आवाज

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और जन-प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि किसानों को उचित सरकारी मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई जाए और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए।यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी रुकना, स्टॉक की सही जानकारी सार्वजनिक होना और काउंटर पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था हो।

मौके पर पूर्व विधायक प्रतिनिधि रंजीत सिंह, कांग्रेस के संजय सिंह, भाजपा उपहारा मंडल अध्यक्ष राजीव कुमार विद्यार्थी, जदयू के कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष सह ‘आत्मा’ के प्रखंड अध्यक्ष विनय पटेल, और राजद के प्रखंड अध्यक्ष ललन चौरसिया,समन्वयक राजेश गुप्ता, मणिष कुमार और विक्रांत कुमार सहित उर्वरक विक्रेता एवं अन्य लोग मौजूद रहे ।

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