अमृत विहार न्यूज

गौतम उपाध्याय
गोह/औरंगाबाद
कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों, तो अभाव भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। इसे सच कर दिखाया है गोह प्रखंड के मलहद पंचायत के बैजु बिगहा निवासी लालू कुमार ने। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के परीक्षा परिणाम में लालू ने न केवल 461 अंक लाकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया, बल्कि गणित जैसे कठिन विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी विलक्षण प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

एक साइकिल और दो जिंदगियों का सफर
लालू की सफलता की कहानी गरीबी और संघर्ष की बेड़ियों को तोड़ने वाली है। घर में सिर्फ एक ही साइकिल है। नियम यह था कि सुबह उसी साइकिल से लालू अपनी कोचिंग पढ़ने जाता था। जैसे ही वह घर लौटता, उसके पिता सुरेश यादव उसी साइकिल को लेकर राजमिस्त्री का काम करने निकल जाते थे। संसाधनों की भारी कमी के बावजूद लालू ने कभी हिम्मत नहीं हारी।

पिता की आंखों में आंसू और गर्व
बेटे की सफलता पर पिता सुरेश यादव भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि लालू और भी बेहतर अंक ला सकता था, लेकिन बीच में पिता के बिजली की चपेट (करंट) में आने के कारण उन्हें बेड रेस्ट पर रहना पड़ा, जिससे लालू की पढ़ाई में काफी बाधा आई। बावजूद इसके, लालू ने हार नहीं मानी और आज पूरे जिले के लिए मिसाल बन गया है।

समाजसेवी सतीश यादव ने बढ़ाया हौसला
लालू की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गुरुवार की शाम मलहद पंचायत के धोधी निवासी और समाजसेवी सतीश यादव उसके घर पहुंचे। उन्होंने लालू को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया,डायरी और कलम उपहार में देकर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया साथ ही मुंह मीठा कराकर पूरे परिवार को बधाई दी।इस दौरान सतीश यादव ने कहा कि “लालू कुमार ने सीमित संसाधनों में जो कर दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। मैं उसकी आगे की पढ़ाई में हर संभव आर्थिक और नैतिक मदद करूँगा। साथ ही, मेरा संकल्प है कि निकट भविष्य में पंचायत के हर वार्ड में एक लाइब्रेरी (पुस्तकालय) की स्थापना हो, ताकि किसी और बच्चे की पढ़ाई संसाधनों के अभाव में न रुके।”
इस मौके पर लालू को बधाई देने के लिए दीपक कुमार, पप्पू कुमार, सुबोध यादव, बिगन यादव, सूर्यदेव यादव, प्रभू यादव और विशु यादव सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि लालू की सफलता ने गाँव के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का द्वार खोल दिया है।
लालू कुमार ने सीमित संसाधनों में जो कर दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। मैं उसकी आगे की पढ़ाई में हर संभव आर्थिक और नैतिक मदद करूँगा। साथ ही, मेरा संकल्प है कि निकट भविष्य में पंचायत के हर वार्ड में एक लाइब्रेरी (पुस्तकालय) की स्थापना हो, ताकि किसी और बच्चे की पढ़ाई संसाधनों के अभाव में न रुके।
-सतीश यादव समाजवादी मलहद पंचायत



